भोपाल: दतिया विधान सभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने इसकी जिम्मेदारी पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के दरवाजे पर डाल दी है. इसके साथ ही दतिया जिला संगठन को भी भंग कर दिया गया. लेकिन क्या इस कार्रवाई से उस राजनीतिक बीमारी का इलाज हो जाएगा, जिसकी झलक दतिया से पहले विजयपुर के उपचुनाव में भी दिखाई दे चुकी है? यह स्क्रिप्ट तो पहले से ही तय थी. अगर भाजपा जीत जाती तो यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सत्ता और संगठन की जीत होती और हारने पर यही होना…
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