भोपाल: दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए पार्टी टिकट न मिलने पर, मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थक जिनमें खासकर भाजपा (BJP) कार्यकर्ता हैं, इसे मध्य प्रदेश भाजपा लीडरशिप की साज़िश मान रहे हैं.
भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की घोषणा के अनुसार, उपचुनाव (by-election) के लिए नॉमिनेशन पेपर 13 जुलाई तक भरे जाएंगे और पोलिंग (polling) 30 जुलाई को होगी. आयोग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी.
नरोत्तम मिश्रा जो उपचुनाव के लिए पार्टी टिकट मिलने को लेकर आश्वस्त थे और पिछले तीन महीनों से ज़्यादा समय से दतिया विधानसभा क्षेत्र (Datia assembly constituency) में लगातार दौरे कर रहे थे और समाज के विभिन्न वर्गों से मिलकर उनके द्वारा दतिया में किए गए विकास कार्यों को बता रहे थे, उन्हें शुक्रवार को अपने राजनीतिक करियर में एक बड़ा झटका लगा, जब भाजपा ने उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की.
इस बात से पूरी तरह से बेखबर कि पार्टी उनको टिकट नहीं देने जा रही शुक्रवार की शुरुआत मिश्रा ने अपने घर में एक पूर्व सरपंच और उनके समर्थकों को भाजपा ज्वाइन करने पर स्वागत से की. उसके बाद उन्होंने बड़ौनी क्षेत्र में कई जगह लोगों से संवाद किया और एक जगह पार्टी कार्यकर्ताओं तथा अन्य लोगों को संबोधित भी किया.

मिश्रा 2023 के विधानसभा चुनावों (State Assembly elections) में कांग्रेस (Congress) के राजेंद्र भारती से हार गए थे. इससे पहले, उन्होंने बीजेपी (BJP) के टिकट पर लगातार तीन चुनावों में- 2008, 2013 और 2018- इस सीट से जीत हासिल की थी.
मिश्रा और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई जब 2 अप्रैल को दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट (special court) ने दतिया से कांग्रेस विधायक (MLA) राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में दोषी ठहराया और राज्य विधानसभा सचिवालय ने उस फैसले के आधार पर भारती को राज्य विधानसभा से अयोग्य घोषित करने में कोई देरी नहीं की.
भारती ने स्पेशल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अप्रैल में दिल्ली हाई कोर्ट (high court) का रुख किया, लेकिन उन्हें तुरंत कोई राहत नहीं मिली. शुक्रवार को हाई कोर्ट ने भारती की याचिका खारिज कर दी, जिससे उपचुनाव का रास्ता साफ हो गया, जिसका शेड्यूल चुनाव आयोग ने पहले ही 6 जुलाई को घोषित कर दिया था.
भोपाल स्थित निवास पर आज भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री @ajayjamwalbjp जी के साथ मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा क्षेत्र उप-चुनाव हेतु भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने पर श्री @Ashutosh4BJP जी को बधाई तथा विजयश्री हेतु अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान… pic.twitter.com/VrZlHT4v6z
— Hemant Khandelwal (@Hkhandelwal1964) July 10, 2026
भाजपा द्वारा दतिया उपचुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार के तौर पर आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा के बाद, मिश्रा के सैकड़ों समर्थक – मुख्य रूप से बीजेपी और उसके सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ता – सड़कों पर उतर आए और जिला बीजेपी कार्यालय के पास नेशनल हाईवे (national highway) पर ट्रैफिक जाम कर दिया.
सड़क जाम होने से नेशनल हाईवे पर कई किलोमीटर तक भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जबकि प्रदर्शनकारी देर रात तक हाईवे पर धरना दे रहे थे और पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी उन्हें ट्रैफिक जाम खत्म करने के लिए अपील कर रहे थे.
भाजपा कार्यकर्ताओं तथा अन्य लोग जैसे-जैसे भाजपा नेतृत्व द्वारा प्रत्याशी के निर्णय के विरोध में सड़कों पर उतरने लगे वैसे-वैसे दतिया के बाजारों में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद करनी शुरू कर दीं.
प्रदर्शनकारियों, जिनमें कई महिला कार्यकर्ता भी शामिल थीं, ने ‘नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद’, ‘मोहन यादव मुर्दाबाद’ और ‘हेमंत खंडेलवाल मुर्दाबाद’ के नारे लगाए.
मुख्यमंत्री (chief minister) डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के खिलाफ प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस धारणा से उपजा है कि ये दोनों नेता नरोत्तम मिश्रा को टिकट न दिए जाने के पीछे हैं.
सोशल मीडिया पर बीजेपी जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा का एक लेटरहेड सामने आया, जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (BJP national president) नितिन नबीन और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को संबोधित था.

इसमें कहा गया था कि कुशवाहा ने पार्टी के अन्य पदाधिकारियों, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद और नगर पालिका दतिया के अध्यक्षों, कई मंडल अध्यक्षों, सहयोगी संगठनों के अध्यक्षों और सभी पार्षदों के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि पार्टी ने उपचुनाव के लिए उम्मीदवार तय करते समय पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की.
लेटरहेड पर कुशवाहा और कई अन्य लोगों के हस्ताक्षर भी थे.
स्थानीय मीडिया से बात करते हुए एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “अगर दादा (नरोत्तम मिश्रा) को पार्टी का टिकट नहीं दिया गया तो हम कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे और कांग्रेस को वोट देंगे.”
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला उपाध्यक्ष संघर्ष यादव ने कहा, “पार्टी नेतृत्व को हमारी बात सुननी होगी और उम्मीदवार के बारे में अपना फैसला बदलना होगा. यह सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं की ही नहीं, बल्कि जनता की भी आवाज है कि नरोत्तम दादा को पार्टी उम्मीदवार बनाया जाए.”
भाजयुमो के एक और उपाध्यक्ष प्रशांत दांगी ने कहा, “हम प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेंद्र मोदी से हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हैं कि वे इस मामले में दखल दें और पार्टी लीडरशिप से दतिया के लिए उम्मीदवार के तौर पर लिए गए फ़ैसले को बदलने के लिए कहें.”
उन्होंने कहा, “मोदी जी अक्सर कहते हैं कि भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है. इसलिए, दतिया में पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि हमारे नेता नरोत्तम मिश्रा को उपचुनाव के लिए पार्टी का टिकट दिया जाए. हमें भरोसा है कि हमारी बात प्रधानमंत्री तक पहुँचेगी.”
कांस्पीरेसी थ्योरी (CONSPIRACY THEORY)
जैसे ही नरोत्तम मिश्रा को टिकट से वंचित किया गया, मिश्रा के समर्थकों के बीच साजिश की बात चलने लगी.
नाम न छापने की शर्त पर एक पार्टी कार्यकर्ता ने कहा, “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास गृह मंत्री का पद भी बरकरार है. अगर नरोत्तम दादा चुने जाते हैं तो मुख्यमंत्री को दादा के कद को देखते हुए उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल करना होगा और उन्हें (नरोत्तम मिश्रा) को फिर से गृह मंत्री बनाना होगा. इसलिए वह नहीं चाहते थे कि नरोत्तम दादा को पार्टी का टिकट मिले और चुनाव जीतें.”
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का समर्थन किया क्योंकि यह निर्णय उनके अनुकूल था.
उन्होंने कहा कि नरोत्तम मिश्रा के कद को देखते हुए न केवल सीएम बल्कि प्रदेश अध्यक्ष भी असहज महसूस करेंगे क्योंकि मिश्रा उनको अपने ऊपर हावी नहीं होने देंगे.

