भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों के मेधावी छात्रों के लिए मुख्यमंत्री स्कूटी योजना (Mukhyamantri Scooty Yojna) को अगले 5 वर्ष यानी 2031 तक बढ़ाने को अपनी मंजूरी दी है.
उक्त निर्णय आज मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने की. कैबिनेट मीटिंग मंत्रालय में आयोजित की गई.
कैबिनेट की बैठक में निर्णयों की जानकारी मीडिया को देते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक निरंतर रखे जाने के लिए 495 करोड़ रूपये की मंजूरी कैबिनेट ने दिया.
उन्होंने कहा कि मंत्रि–परिषद ने शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों में प्रथम स्थान पाने वाली बालिकाओं एवं बालक को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-2031 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की है.
योजना के अंतर्गत प्रदेश मे स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों में प्रथम प्रयास में नियमित परीक्षार्थी के रूप में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाली बालिका एंव बालक को मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय योजना के अन्तर्गत लाभ दिया जाता है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय किये जाने के लिए संचालित योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता के लिए राशि 495 करोड रूपये पर मंत्रि–परिषद् की स्वीकृति प्रदान की गई.
उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के अंतर्गत प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को मोटराइज्ड स्कूटी (Motorised scooty) क्रय करने के लिए 90 हजार रुपये तथा ई–स्कूटी (E-Scooty) के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है.
मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा लगभग 12 वर्ष पूर्व डेटा सेंटर (Data Centre) की स्थापना की गई थी.
अब कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि शीघ्र ही लगभग 800 रुपये करोड़ की लागत से डेटा सेंटर में एआई (AI) अत्याधुनिक तकनीक एवं अन्य आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा.
साथ ही, उन्होंने कहा कि आई टी सेक्टर को औद्योगिक क्षेत्रों में भी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही हर जिले में प्लग एंड प्ले आईटी स्पेस (Plug and Play IT Space) स्थापित किए जाएंगे.
विभाग के ही तीन अन्य प्रस्तावों पर विज्ञान पार्क– एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बॉयो टेक्नालॉजी पार्क की स्थापना एवं संचालन के लिए वर्ष 2031 तक निरंतरता के लिए 123 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई.
चैतन्य कश्यप ने बताया कि मंत्रि–परिषद ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास और पुनर्वास कार्यों के लिए 2300 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है.
मंत्रि–परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक और प्रस्ताव अनुसार ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी 2023 के संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी है.
इसी तरह पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत स्वामित्व योजना के निष्पादित हस्तांतरण अभिलेखों पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क से छूट दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.
विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा प्रस्तुत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक: 2026 को भी मंत्रि–परिषद ने मंजूरी दी है.
इसी तरह खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा प्रस्तुत मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूँ, चना, ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति : 2026 को भी मंत्रि–परिषद ने स्वीकृति दी.
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव अनुसार मध्यप्रदेश के 65 नगरीय निकायों और उनके आस–पास के वन क्षेत्रों में नगरीय वन विकसित करने के लिए नमो हरित नगर योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई.
जल संसाधन विभाग द्वारा पृथक–पृथक 3 सिंचाई परियोजनाओं में पुनर्वास और पुन: विस्थापन के लिए 3 प्रस्ताव अनुसार मंत्रि–परिषद ने पन्ना जिले की केन–बेतवा लिंक परियोजना, रूंज सिंचाई परियोजना और मझगांव सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावितों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए अतिरिक्त रूप से 202.50 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृति दी.

